Thursday, August 27, 2009

शायरी

बिन बुलाये बे वक़्त आ जाना ही है आंसुओं का काम

हर लम्हे को जी जाना और हर अश्क को पी जाना ही है ज़िन्दगी का नाम

2 comments:

Babli said...

वाह वाह क्या बात है! बहुत खूब लिखा है आपने! बढ़िया लगा आपकी शायरी! लाजवाब !

கவின் said...

वोव